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Criteria for Nomination Award

माधवराव गोरे सेवा गौरव पुरस्कार – बौद्धिक दिव्यांगता सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मान

माधवराव गोरे सेवा गौरव पुरस्कार असोसिएशन ऑफ पेरेंट्स ऑफ मेंटली रिटार्डेड चिल्ड्रन (आधार) संस्था द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित वार्षिक राष्ट्रीय पुरस्कार है। श्री माधवराव गोरे की जन्मशताब्दी के अवसर पर, वर्ष 2024 से इस पुरस्कार की स्थापना की गई है।

यह पुरस्कार उन संस्थाओं को दिया जाएगा जो नवाचारपूर्ण पहल, प्रभावी कार्यप्रणाली और बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।

पुरस्कार का स्वरूप:

नामांकन प्रक्रिया और मूल्यांकन मानदंड

माधवराव गोरे सेवा गौरव पुरस्कार भारत में बौद्धिक दिव्यांगता क्षेत्र में काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों के असाधारण कार्य को सम्मानित करने वाला राष्ट्रीय पुरस्कार है।

यह पुरस्कार श्री माधवराव गोरे के नाम पर दिया जाता है, जो इस क्षेत्र के अग्रणी थे। इस पुरस्कार के माध्यम से उन संस्थाओं को सम्मानित किया जाता है जो नवीन कार्यप्रणाली, प्रभावी सामाजिक परिवर्तन और निःस्वार्थ सेवा भावना के साथ कार्यरत हैं।

नीचे नामांकन प्रक्रिया, मूल्यांकन मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई है:

पात्रता मानदंड :

मूल्यांकन मानदंड :

नामांकन का मूल्यांकन निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर किया जाएगा:

A) मुख्य सेवा और प्रभाव (40%)

B) नवाचार और स्थायित्व (20%)

C) सामुदायिक भागीदारी (20%)

D) संस्थागत क्षमता और प्रशासन (20%)

नामांकन प्रक्रिया:

चरण 1: प्रारंभिक आवेदन

चरण 2: विस्तृत आवेदन

प्रारंभिक रूप से चयनित संस्थाओं को अधिक विस्तृत जानकारी और कार्यक्रमों के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा। (संबंधित NGO को फॉर्म भेजा जाएगा।)

आवश्यक दस्तावेज:

स्वघोषणा पत्र :

वीडियो डॉक्यूमेंटेशन :

संस्था द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों, उनके प्रभाव और लाभार्थियों का संक्षिप्त वीडियो प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

चयन प्रक्रिया :

पुरस्कार समारोह :

माधवराव गोरे सेवा गौरव पुरस्कार हर वर्ष नवंबर महीने के चौथे रविवार को मुंबई, महाराष्ट्र में प्रदान किया जाएगा।